Thursday, 1 September 2011

मेरी चिड़िया


जब मैं कहती हूँ
चिड़िया
उसके पास होती है
तीखी चोंच
मजबूत पंजे
डाली को मजबूती से पकड़ना
जानती है वह |
पहचानती है
कहाँ तक है आसमान
उड़ना कहाँ तक है |
समझती है
कहाँ बैठता है बाज
कैसा होता है जाल |
कहते हो तुम
लड़की चिड़िया होती है
पर तीखी चोंच
मजबूत पंजे
जो बन सके हथियार
नहीं पसंद तुम्हें
तुम चाहते हो ऐसी चिड़िया
जो घर की छत को
आसमान समझे
माफ़ करना भाई
मेरी चिड़िया इतनी अच्छी
नहीं हो सकती |

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