Wednesday, 30 November 2011

नाली का मेढ़क

नाली का एक मेंढक
नन्हा,सुंदर पर 
गंदगी में लिथड़ा 
नदी से आ मिला एक दिन 
नदी ने उसे साफ़ किया 
स्नेह और सम्मान दिया 
वह ले जाना चाहती थी 
समुद्र तक उसे 
वह भागने लगा 
नाली की तरफ 
नदी ने उसे 
समुद्र के बारे में बताया
मेढ़क मुस्कुराया -
मेरी नाली समुद्र से अच्छी है 
और मैंने तुम्हें गंदा किया 
यह मेरी विजय है |   

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